
नई दिल्ली। सागरमाला कार्यक्रम के तहत देश भर में बंदरगाह कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए चिन्हित 272 रेल एवं सड़क संपर्क परियोजनाओं में से 74 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने राज्यसभा को एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। इन परियोजनाओं का क्रियान्वयन सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, रेल मंत्रालय, प्रमुख बंदरगाहों और रियायतदाताओं द्वारा किया जा रहा है। वर्तमान में 67 परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं जबकि 131 परियोजनाएं योजना के विभिन्न चरणों में हैं।परियोजनाओं के समन्वय और निगरानी के लिए राष्ट्रीय सागरमाला शीर्ष समिति गठित की गई है। समुद्री राज्य विकास परिषद (एमएसडीसी) की नियमित बैठकों के माध्यम से केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और अन्य हितधारकों के बीच समन्वय सुनिश्चित किया जा रहा है।समग्र सागरमाला कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 839 परियोजनाएं चिन्हित की गई हैं, जिनकी अनुमानित लागत लगभग 5.79 लाख करोड़ रुपये है। इनमें से 119 परियोजनाएं (2.42 लाख करोड़ रुपये लागत) सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड से कार्यान्वित की जा रही हैं। शेष परियोजनाओं को प्रत्यक्ष सरकारी वित्तपोषण के तहत कार्यान्वित किया जा रहा है।मंत्रालय ने परियोजनाओं के वित्तीय औचित्य और कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए हाल ही में ‘सागरमाला वित्तपोषण दिशानिर्देशों’ में संशोधन भी किए हैं।
