
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार इस वर्ष श्रावण माह में भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारियाँ पहले से अधिक भव्यता के साथ निकाली जाएँगी। प्रत्येक सवारी की एक विशेष थीम होगी, जिसमें पहली सवारी ‘वैदिक उद्घोष’ थीम पर आधारित होगी। श्रावण माह के दौरान प्रतिदिन शाम को ‘सावन सांस्कृतिक संध्या’ का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें देशभर के कलाकार अपनी प्रस्तुतियाँ देंगे।इस वर्ष महाकाल की प्रथम सवारी 14 जुलाई को निकाली जाएगी, जिसमें पालकी में श्री मनमहेश विराजमान होंगे। इस दौरान रामघाट और दत्त अखाड़ा पर बटुकों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार किया जाएगा। द्वितीय सवारी (21 जुलाई) में लोक नृत्यों की झलक दिखाई देगी, जिसमें मध्य प्रदेश का मटकी नृत्य, राजस्थान का गणगौर, असम का बिहू और गुजरात का भवाई नृत्य शामिल होंगे। तीसरी सवारी (28 जुलाई) में पुलिस बैंड, आर्मी बैंड और होमगार्ड बैंड की धुनें सुनाई देंगी।चतुर्थ सवारी (4 अगस्त) पर्यटन थीम पर आधारित होगी, जिसमें मांडू, सांची, खजुराहो और भीमबेटका जैसे प्रसिद्ध स्थलों की झाँकियाँ निकाली जाएँगी। पाँचवीं सवारी (11 अगस्त) धार्मिक थीम पर होगी, जबकि 18 अगस्त को निकलने वाली राजसी सवारी में 70 से अधिक भजन मंडलियाँ भक्ति गीत प्रस्तुत करेंगी।इसके अलावा, श्रावण महोत्सव के दौरान ‘श्री महाकाल महालोक’ में प्रतिदिन शाम 6 से 8 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे, जिसमें देशभर के 47 कलाकार समूह शिरकत करेंगे। मंदिर प्रबंध समिति द्वारा सवारी मार्ग में हर 200 मीटर पर पेयजल की व्यवस्था, पीए सिस्टम और सीसीटीवी कैमरों की भी व्यवस्था की जाएगी।
