
मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय द्वारा ‘प्रधान मंत्री मत्स्य संपदा योजना’ (PMMSY) के तहत देश भर में मात्स्यिकी क्षेत्र के सतत विकास और मछुआरों के कल्याण के लिए 20,050 करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत मछुआरों और मत्स्य किसानों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई हैं, जिनमें ग्रुप एक्सीडेंटल इंश्योरेंस, आजीविका सहायता, ट्रांसपोंडर लगाने की सुविधा, मछुआरों के जहाजों के लिए बीमा और नई नावों व जालों की खरीद में सहायता शामिल है। इसके अलावा, इस योजना में मछुआरों को आपात स्थिति में सहायता प्रदान करने के लिए 1,00,000 मछली पकड़ने वाले जहाजों पर ट्रांसपोंडर लगाए जा रहे हैं। साथ ही, पारंपरिक मछुआरों को मछली पकड़ने पर प्रतिबंध के दौरान 3,000 रुपए की वित्तीय सहायता भी दी जा रही है। पीएमएमएसवाई के तहत मछुआरों की आय बढ़ाने के लिए कोल्ड स्टोरेज, प्रसंस्करण इकाइयों और मार्केटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही, मछुआरों को सशक्त बनाने के लिए सहकारी समितियों और फिश फार्मर प्रोड्यूसर संगठनों (FFPOs) का गठन किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने मछुआरों और मत्स्य किसानों को वित्तीय सहायता देने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की सुविधा का विस्तार किया है। अब तक देश भर में 4.76 लाख से अधिक मछुआरों और मत्स्य किसानों को KCC जारी किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से 3,214 करोड़ रुपए से अधिक का ऋण वितरित किया गया है। सरकार ने KCC की ऋण सीमा भी 2 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दी है। मत्स्यपालन राज्य मंत्री श्री जॉर्ज कुरियन ने 29 जुलाई 2025 को लोकसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य मछुआरों की आय बढ़ाने और मात्स्यिकी क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए निरंतर प्रयास करना है।
