इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) द्वारा स्नातकोत्तर, स्नातक, डिप्लोमा, पोस्ट-ग्रेजुएट डिप्लोमा और छह माह की अवधि वाले प्रमाणपत्र कार्यक्रमों सहित 330 से अधिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु, जुलाई सत्र 2025 के आवेदन आमंत्रित किये गए हैं। आवेदन पूर्णतः ऑनलाइन ignouadmission.samarth.edu.in पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से इग्नू द्वारा 78 स्नातकोत्तर कार्यक्रम, चार वर्षीय स्नातक स्तर पर 26 पाठ्यक्रम, 22 विषयों में ऑनर्स और सामान्य स्नातक पाठ्यक्रम, 66 पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा, 14 पोस्ट ग्रेजुएट सर्टिफिकेट, 28 डिप्लोमा और 76 प्रमाणपत्र कार्यक्रम एवं ऑनलाइन के माध्यम से 44 पाठ्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है।
वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डॉ. उमेश चंद्र पाण्डेय भोपाल क्षेत्रीय केंद्र ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप इग्नू के पाठ्यक्रम युवा छात्रों के लिए विशेष उपयोगी हैं। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से छात्रों की शिक्षा में गुणवत्ता में बढ़ोत्तरी होगी तथा कौशल विकास, सामाजिक जागरूकता और आजीविका के नव अवसर सृजन होने की अपार संभावनाएं हैं। छात्रों को प्रमाणन स्वरूप, विश्वविद्यालय डिग्री प्रदान करती है एवं अन्य पाठ्यक्रमों में मल्टीपल एग्जाम का प्रावधान रखा गया है।
छात्रों को चिन्हित विषयवस्तु के अध्ययन हेतु इग्नू द्वारा एक अभिनव योजना “पाठ्यक्रम-वार पंजीकरण और प्रमाणन योजना (CRCS)” चलाई जा रही है। इस योजना के तहत छात्र अधिकतम 16 क्रेडिट तक के इग्नू के लगभग 1500 से भी अधिक कोर्स में पंजीकरण कर सकते हैं। सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर उन्हें प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य छात्रों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बहुविकल्पीय मार्ग उपलब्ध कराना और उनके ज्ञान को विविध बनाना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत ऐसे कोर्स में अर्जित 10% तक क्रेडिट को अन्य शैक्षणिक कार्यक्रमों में हस्तांतरित भी किया जा सकता है।
क्षेत्रीय निदेशक ने ये भी बताया कि इग्नू द्वारा भगवद्गीता अध्ययन पर पाठ्यक्रम संचालित किया जा रहा है जो युवाओं को भारतीय ज्ञान परंपरा की गहराई से समझ प्रदान करता है और उनके भीतर नैतिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता व जीवन-कौशलों का विकास करता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थी कर्मयोग, आत्मसंयम, निर्णय क्षमता व तनाव प्रबंधन जैसे गुणों को अपनाकर एक संतुलित जीवन जीना सीखते हैं। यह कार्यक्रम शिक्षण, योग, अनुवाद, लेखन, प्रबंधन और सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में करियर के नए अवसर प्रदान करते है। साथ ही, यह युवाओं को एक जागरूक, जिम्मेदार और संस्कारित नागरिक बनाने में सहायक है। भगवद्गीता का अध्ययन आत्म विकास के साथ-साथ बेहतर व्यक्तित्व निर्माण की दिशा में एक सशक्त कदम है।
डॉ. अंशुमान उपाध्याय, अपर निदेशक ने बताया की युवाओं को “ग्लोबल सिटिजन” बनाने की दिशा में इग्नू द्वारा प्रदत्त विदेशी भाषा प्रमाणपत्र कार्यक्रम विद्यार्थियों को वैश्विक मंच पर करियर के बेहतर अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। फ्रेंच, रूसी, जापानी, कोरियन, स्पेनिश और जर्मन भाषाओं में विद्यार्थियों को बुनियादी व्याकरण, उच्चारण, लेखन, बोलचाल और सामाजिक-सांस्कृतिक समझ की शिक्षा प्रदान की जाती है। ये कार्यक्रम CEFR जैसे अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित हैं, जिससे छात्रों की भाषा दक्षता वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त करती है।
इन कार्यक्रमों की मुख्य विशेषताएं यह हैं कि ये स्व-अध्ययन सामग्री, ऑडियो-विजुअल साधनों से सुसज्जित हैं तथा इनकी शिक्षा द्विभाषिक माध्यम (जैसे अंग्रेजी-फ्रेंच, अंग्रेजी-जापानी आदि) में होती है, जिससे मध्य प्रदेश के विभिन्न भाषायी पृष्ठभूमि के छात्र सरलता से अध्ययन कर सकते हैं। इससे न केवल उनकी भाषा दक्षता बढ़ती है, बल्कि वे संस्कृतियों की विविधता को भी समझ पाते हैं, जो आज के बहुसांस्कृतिक कार्यस्थलों में एक अनिवार्य गुण बन चुका है।
इन विदेशी भाषाओं में दक्षता प्राप्त करने के बाद छात्र अनुवादक, दुभाषिया, विदेशी भाषा शिक्षक, टूर गाइड, कंटेंट राइटर, BPO/KPO सेक्टर, दूतावासों और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में कार्य कर सकते हैं। साथ ही, यह कार्यक्रम उच्च शिक्षा के इच्छुक छात्रों को विदेशों के विश्वविद्यालयों में प्रवेश हेतु भी सहयोग करते हैं। इग्नू में प्रवेश लेने की अंतिम तिथि भी 31 जुलाई 2025 तक है। समस्त पाठ्यक्रमों की विस्तृत जानकारी कॉमन प्रॉस्पेक्टस जुलाई 2025 में उपलब्ध है, जिसे www.ignou.ac.in से डाउनलोड किया जा सकता है|
